🪔 तेनाली रामा की कहानियाँ

एपिसोड T18

ऊपर या नीचे? — फ़सल में भूपति का हिस्सा

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तेनाली रामा की कहानियाँ विजयनगर साम्राज्य हास्य नैतिक कहानी
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📖 पढ़ने का समय: ~6 मिनट 👶 आयु: 6+ 📂 सीरीज़: तेनाली की कहानियाँ ✍️ प्रस्तुति: RayalSabha 📅 प्रकाशित: 2026-10-25
कहानी का सार

विजयनगर के पास के एक गाँव में लालची ज़मींदार भूपति एक पुराना काग़ज़ लेकर आया और ग़रीब किसान रामय्या की आधी फ़सल पर दावा कर दिया। कोई रास्ता न देखकर रामय्या दौड़कर तेनाली रामकृष्ण के पास पहुँचा। एक सीधे सवाल — 'आपको कौन-सा आधा चाहिए, ऊपर का या नीचे का?' — ने आलू, धान और मक्का की तीन फ़सलों में भूपति के हाथ सिर्फ़ पत्ते और जड़ें छोड़ीं। लालच कहाँ ले जाता है — इस पर एक मज़ेदार कहानी।

01

ग़रीब किसान रामय्या और लालची भूपति

गाँव
ग़रीब किसान रामय्या और लालची भूपति — तेनाली रामा की कहानी का दृश्य

विजयनगर के पास के एक गाँव में रामय्या नाम का एक ग़रीब किसान रहता था। पिता से मिले छोटे-से खेत के सहारे वह मेहनत से फ़सल उगाता और परिवार का पेट पालता था।

उसी गाँव में भूपति नाम का एक अमीर आदमी रहता था। उसके पास पैसों की कोई कमी नहीं थी… पर उसके लालच का कोई अंत नहीं था।

02

एक पुराना काग़ज़ — क्या आधी फ़सल भूपति की है?

रामय्या का घर
एक पुराना काग़ज़ — क्या आधी फ़सल भूपति की है? — तेनाली रामा की कहानी का दृश्य

एक दिन भूपति एक पुराना काग़ज़ लेकर रामय्या के घर आया।

💰 भूपति
"रामय्या, तुम्हारे दादा ने मेरे दादा से उधार लिया था। वह क़र्ज़ कभी चुकाया नहीं गया। इसलिए इस काग़ज़ के अनुसार तुम्हारे खेत की हर फ़सल का आधा मेरा है।"
🌾 रामय्या
"मालिक… मेरे पिता ने मुझे ऐसे किसी क़र्ज़ के बारे में कभी नहीं बताया।"
💰 भूपति
"नहीं बताया तो क्या? काग़ज़ तो यह रहा! अब से हर फ़सल का आधा मेरा।"

क्या करे, यह न समझ पाकर रामय्या सीधा तेनाली रामकृष्ण के पास दौड़ा।

🌾 रामय्या
"मालिक, अब आप ही मेरा सहारा हैं। भूपति मेरी आधी फ़सल ले रहा है।"
🪶 तेनाली रामा
"डरो मत, रामय्या। वह आधा कैसे दिया जाए, यह मैं देख लूँगा।"
03

रामकृष्ण का सवाल — ऊपर का आधा या नीचे का आधा?

खेत

अगले दिन रामकृष्ण खेत पर आए। पूरा गाँव वहाँ जमा हो गया।

🪶 तेनाली रामा
"भूपति जी, काग़ज़ कहता है आधा आपका है। आपको आधा ज़रूर मिलेगा। ऊपर का हिस्सा या नीचे का… यहीं सबके सामने बताइए कि आपको कौन-सा आधा चाहिए।"
💰 भूपति (घमंड से)
"मुझे ऊपर का आधा चाहिए! पूरा गाँव सुन रहा है!"

रामकृष्ण ने बिना कोई भाव दिखाए सिर हिलाया।

🪶 तेनाली रामा
"ऐसा ही हो।"
04

पहली फ़सल — आलू, और भूपति को मिले पत्ते!

कटाई का समय
पहली फ़सल — आलू, और भूपति को मिले पत्ते! — तेनाली रामा की कहानी का दृश्य

कुछ महीने बीते। कटाई का समय आया। भूपति अपने मज़दूरों के साथ शान से खेत पर पहुँचा।

💰 भूपति
"मेरा ऊपर का आधा काटो!"

मज़दूरों ने काटकर भूपति के सामने ढेर लगा दिया। वह सिर्फ़ हरे पत्ते और बेलें थीं!

💰 भूपति
"यह क्या है?! ये पत्ते कैसे?"
🪶 तेनाली रामा
"रामय्या ने आलू बोए थे, भूपति जी। आपकी इच्छा के अनुसार ऊपर का आधा आपका है। वे पत्ते सब आपके हैं!"

गाँव वाले ठहाका मारकर हँस पड़े। भूपति ने दाँत पीसे।

💰 भूपति
"ठीक है! इस बार ग़लती मेरी थी। अब मुझे पता है कंद ज़मीन के नीचे उगते हैं। अगली फ़सल में नीचे का आधा मेरा! ऊपर का किसान का!"
🪶 तेनाली रामा
"जैसा आप कहें, भूपति जी।"
05

दूसरी फ़सल — धान, और भूपति को मिलीं सूखी जड़ें!

अगला मौसम
दूसरी फ़सल — धान, और भूपति को मिलीं सूखी जड़ें! — तेनाली रामा की कहानी का दृश्य

एक और मौसम आया। भूपति अपने मज़दूरों के साथ लौटा, पूरी तरह यक़ीन से कि इस बार सारे कंद उसके होंगे।

💰 भूपति
"मेरा नीचे का आधा खोदो!"

मज़दूरों ने ज़मीन खोदकर नीचे का हिस्सा उसके सामने ढेर कर दिया। वह सिर्फ़ सूखी जड़ें और ठूँठ थे!

💰 भूपति
"यह क्या है?! आलू कहाँ हैं?"
🪶 तेनाली रामा
"इस बार रामय्या ने आलू नहीं बोए, भूपति जी — धान बोया। अनाज ऊपर बालियों में उगता है। नीचे की जड़ें सब आपकी हैं!"

गाँव वाले फिर हँस पड़े। भूपति ग़ुस्से से काँपने लगा।

💰 भूपति
"तुमने मुझे दो बार फँसाया! इस बार कोई मुझे बेवकूफ़ नहीं बना पाएगा। ऊपर और नीचे — दोनों मेरे! किसान को सिर्फ़ बीच का!"
🪶 तेनाली रामा (शांति से)
"ठीक है, भूपति जी। बिलकुल वैसा ही होगा जैसा आप कहते हैं।"
06

तीसरी फ़सल — मक्का, और लालच का अंत

तीसरा मौसम
तीसरी फ़सल — मक्का, और लालच का अंत — तेनाली रामा की कहानी का दृश्य

तीसरा मौसम आया। भूपति अपने मज़दूरों के साथ खेत पर आया और शान से घोषणा की—

💰 भूपति
"मेरे दोनों आधे काटो!"

मज़दूरों ने पौधों के ऊपरी हिस्से और नीचे की जड़ें अलग कीं और भूपति के सामने डाल दीं। सिर्फ़ पत्ते और जड़ें!

💰 भूपति (मुँह खुला रह गया)
"यह क्या है?! ये जड़ें और पत्ते कैसे?"

तभी खेत के बीच में रामय्या मक्के के सुनहरे भुट्टों से टोकरियाँ भरता दिखाई दिया।

🪶 तेनाली रामा
"इस बार रामय्या ने मक्का बोया, भूपति जी। भुट्टे पौधे के ठीक बीच में उगते हैं। और आपने ख़ुद ही कहा था कि बीच का हिस्सा किसान का है!"
🪶 तेनाली रामा
"हमने आपको ठीक वही दिया जो आपने माँगा। पर लालच में… आपने हर बार ग़लत चुना!"

सारे गाँव वाले हँस पड़े। भूपति ने सिर झुका लिया।

🪶 तेनाली रामा
"भूपति जी, अपना काग़ज़ एक बार फिर देख लीजिए। शायद कोई शर्त भूल गए हों।"

यह सुनते ही भूपति का ग़ुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। ग़ुस्से से काँपते हुए उसने काग़ज़ के टुकड़े-टुकड़े करके ज़मीन पर फेंक दिए।

💰 भूपति
"अब यह काग़ज़ मेरे किस काम का?!"
🪶 तेनाली रामा
"अरे रे, भूपति जी! आपने तो समझौता ख़ुद ही नष्ट कर दिया! तो अब से आप किसान को और परेशान नहीं कर सकते!"

भूपति ग़ुस्से और घमंड में पैर पटकता चला गया। आँखों में आँसू लिए रामय्या ने दोनों हाथ जोड़कर रामकृष्ण को प्रणाम किया।

🪶 तेनाली रामा (मुस्कुराते हुए)
"देखा… जब हम लालच में दूसरों को ठगने की कोशिश करते हैं, तो आख़िर में ठगे हम ही जाते हैं।"
कहानी की सीख 🌽

जब हम लालच में दूसरों को ठगने की कोशिश करते हैं, तो आख़िर में ठगे हम ही जाते हैं।

💡 जीवन का पाठ

मेहनत के ईमानदार फल को कोई ज़्यादा देर तक नहीं चुरा सकता। साफ़ सोच से ताक़तवर आदमी के लालच को भी उसी के शब्दों से हराया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऊपर या नीचे कहानी की सीख क्या है?
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जब हम लालच में दूसरों को ठगने की कोशिश करते हैं, तो आख़िर में ठगे हम ही जाते हैं।

रामकृष्ण ने भूपति को कैसे मात दी?
+

भूपति जो भी चुनता, रामय्या उसी के हिसाब से फ़सल बदल देता — ऊपर लेने पर आलू, नीचे लेने पर धान, और दोनों लेने पर मक्का। हर बार भूपति को सिर्फ़ पत्ते और जड़ें मिलीं।

भूपति के काग़ज़ का क्या हुआ?
+

ग़ुस्से में भूपति ने ख़ुद ही काग़ज़ फाड़ दिया — और रामय्या को फिर परेशान करने का हर हक़ खो दिया।

क्या यह कहानी बच्चों के लिए सही है?
+

हाँ — 6 साल और उससे बड़े बच्चे हँसेंगे और सीखेंगे, और यह भी जानेंगे कि अलग-अलग फ़सलें कहाँ उगती हैं।

यह वीडियो तेलुगु में है (अंग्रेज़ी सबटाइटल के साथ)।

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